पत्र कितने प्रकार के होते हैं ? Patra Kitne Prakar Ke Hote Hain

पत्र कितने प्रकार के होते हैं? वैसे तो पत्र के मुख्यता दो प्रकार है –

  • औपचारिक पत्र
  • अनौपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र :

औपचारिक पत्र ज्यादातर एक दूसरे की किसी प्रार्थना – पत्र (अवकाश, शिकायत, सुधार, आवेदन के लिए लिखे गए पत्र आदि), कार्यालयों – पत्र (किसी सरकारी अधिकारी, विभाग को लिखे गए पत्र आदि), वेबसायिक- पत्र ( दुकानदार, प्रकाशक, व्यापारि, कंपनी आदि को लिखे गए पत्र ) आदि प्रकार के बीचर संवर्धित लिखा जाता है, औपचारिक पत्र एक दूसरे से किसी बड़े कारण के लिए जाता है।

अनौपचारिक पत्र :

अनौपचारिक पत्र ज्यादातर खुद के लिए मतलब एक दूसरे से बात करने के लिए एक दूसरे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए या फिर किसी की हाल चाल पूछने के लिए लिखा जाता है. इस पत्र का मकसद सिर्फ एक दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त करना और एक दूसरे की कुशलता के बारे में जानना होता है।

Patra Kitne Prakar Ke Hote Hain

आज की आर्टिकल सारे स्टूडेंट के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होगी, क्योंकि इस आर्टिकल में हम पत्र के प्रकार, पत्र क्या है? ऐसे कैसे लिखते हैं? इन सब के बारे में जानकारी देंगे।

दोस्तों आज के समय में यदी हमें किसी से संपर्क करने की आवश्यकता पड़ती है तो हम कुछ ही सेकंड में मोबाइल से बात कर लेते हैं, लेकिन बहुत साल पहले के समय में ऐसी स्थिति नहीं थी, पहले आज की तरह SMS, Email,Fax जैसे आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे, उस समय में हलचल या कोई भी बात करनी हो तो यह सूचना देने यादी के लिए पत्र का प्रयोग किया जाता था। आज के समय में भी पत्र का उपयोग किया जाता है, खासकर के औपचारिक कामों में तो पत्र ही मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है।

पहले संदेश पहुंचाने, सूचना देने, साथ ही साथ औपचारिक कामों में पत्र का इस्तेमाल होता था। पत्रों को पहुंचाने के लिए भारत सरकार द्वारा भारतीय डाक विभाग की स्थापना की गई है,जिसके द्वारा सभी प्रकार के पत्रों को पहुंचाने के आपको कुछ शुल्क देना होता है। आज की आर्टिकल में हम मुख्य पत्रों के बारे में ही जानेंगे, विशेष तौर पर पत्र कितने प्रकार के होते हैं? इन्हें कैसे लिखा जाता है।

अगर आप भी ये जानना चाहते हैं कि पत्र कितने प्रकार के होते हैं? अलग-अलग तरह के पत्र कैसे लिखे जाते हैं? तो आप लोग ए आर्टिकल को पूरा अंत तक जरूर पढ़ें।

Hindi Patra Lekhan

पहले जानेंगे पत्र क्या है? वैसे तो यह बताने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, कि पत्र किसे कहते हैं? आम भाषा में इसे चिट्टी कहते हैं, कागज में लिख कर कोई संदेश या सूचना इत्यादि को भेजे जाने पर उस कागज को जिस पर लिखा रहता है वही पत्र होता है। वर्तमान में तो हम एक दूसरे से बात करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें बोल कर बात कर ली जाती है।

पहले कि समय जब मोबाइल जैसी चीज नहीं थी, तब लोग कागज या अन्य किसी चीज पर लिख कर एक दूसरे से बात करते हैं, आपकी इच्छा अनुसार बातों या कोई जानकारी या सूचना लिखकर एक दूसरों को भेजकर पत्र के द्वारा हाल-चाल जानते थे, सभी को ज्ञात है कि राजा महाराजाओं के समय भी औपचारिक बातो इत्यादि के लिए पत्र का ही इस्तेमाल होता था।

अब बताएंगे पत्र लिखने का तरीका, हालांकि पत्र को लिखने का एक निर्धारित तरीका औपचारिक पत्र का ही होता है परंतु एक अनौपचारिक पत्र लिखते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना अच्छा होता है।

Patra Kaise Likhte hai? Patra Kitne Prakar Ke Hote Hain

एक औपचारिक पत्र में आपको सिस्टमैटिक तरीके से लिखना होता है, जिसमें सबसे पहले आप जिसे पत्र लिख रहे हैं उनका नाम मेंनशन किया जाता है, दिनांक इसके अलावा किस विषय में पत्र लिख रहे हैं अपनी बात और अंत में अपना नाम और पता लिख ना होता है।

अनौपचारिक पत्र में भी एक अच्छा पत्र लिखने के लिए आप सबसे पहले अपना नाम पता और दिनांक इत्यादि लिखते हैं।

पत्र में संबोधन और अभिवादन किया जाता है, औपचारिक पत्र में आप महाशय इत्यादि से संबोधन और अभिवादन करते हैं, अनौपचारिक पत्र में भी संवोधन और अभिवादन करना अच्छा रहता है।

आप किस विषय पर पत्र लिख रहे हैं उसे साफ साफ और स्पष्ट लिखना चाहिए, औपचारिक पत्र में विषय लिखकर आप उसके सामने जिस भी विषय पर पत्र लिख रहे हैं, वह लिखते हैं अनोपचारिक पत्र में भी आप कीस बारे में कहना या जानना चाहते हैं वह लिखना।

पत्र लेखन के प्रकार

पत्र लिख लेने के बाद अंत में आप अपना पता सनिर्देश लिख देना है,ओपचारिक पत्र में तो यह बात जरूरी होती है साथ ही अनौपचारिक में भी नाम और पता लिख जाता है, अंत में आपके सिग्नेचर होना चाहिए।

कोई भी पत्र लिखते समय चाहे आप एक औपचारिक पत्र, लिख रहे हैं या अनौपचारिक पत्र, हमेशा साफ और स्पष्ट भाषा का उपयोग करना चाहिए,आप जो बात कहना चाहते हैं उसे जितना स्पष्ट और सुंदर लेखन में लिख सके उतना ही बेहतर है, जिससे सामने वाला उसे बेहतर समझ सके।

हम सब ने कभी ना कभी पत्र लिखा ही होगा क्योंकि आज के समय में हिंदी और अंग्रेजी विषय के परीक्षाओं में पत्र लेखन आना अनिवार्य है, पत्र लेखन आना बच्चों के लिए बहुत ही अनिवार्य है।

समाप्ति

आज इस आर्टिकल ( Patra Kitne Prakar Ke Hote Hain ) में हमने पत्र लेखन के बारे में जानकारी दिए हैं, इस आर्टिकल में हम आपको पत्र कितने प्रकार के होते हैं? विभिन्न प्रकार के पत्र कैसे लिखे जाते हैं, इन सब के बारे में विस्तार से बताया है, पत्र के बारे में पूरी जानकारी आप तक सरल हिंदी भाषा में पहुंचा, जिससे आपको पत्र किया है के बारे में अधिक जानकारी मिली हो।

यदि आपको इस जानकारी पत्र कितने प्रकार के होते हैं संबंधित कोई भी प्रश्न आपको मन में उपस्थित हो रहे हैं, अथवा आपको इस जानकारी संबंधित और अधिक जानकारी चाहिए तो हमें आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं, हम आपको जल्द ही प्रतिक्रिया देंगे और आप से जल्द ही आपका प्रश्न का उत्तर देंगे।

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